दिखाई न देने का अधिकार
मानव सफारी से एल्गोरिद्मिक दृष्टि तक — जब मूलनिवासी अलगाव सामग्री बन जाता है और संपर्क से इनकार स्वयं मूल्य अर्जित करने लगता है।
नोट्स
छोटे नोट्स, कार्यशील विचार और अवलोकन।
मानव सफारी से एल्गोरिद्मिक दृष्टि तक — जब मूलनिवासी अलगाव सामग्री बन जाता है और संपर्क से इनकार स्वयं मूल्य अर्जित करने लगता है।
अर्जुन अप्पादुरई ‘mineable self’ को संबंधों, कथाओं, प्रोफ़ाइलों और डेटा से बनी एक नई वस्तु के रूप में देखते हैं। व्यक्ति, भाव और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर उनके 2026 के काम की एक व्याख्या।
2026 के भारत में एक न्यायिक अपमान राजनीतिक पहचान में बदल गया। “तिलचट्टे” की यात्रा वर्गीकरण, आकांक्षा, शरीर, व्यंग्य, सत्ता और एल्गोरिद्मिक दृश्यता पर प्रश्न उठाती है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता ऑडियोविजुअल उत्पादन को बदल रही है, लेकिन बहस सिर्फ बनाई गई छवियों तक सीमित नहीं है। यह काम, अभिलेखों, भाषाओं, अधिकारों, प्रतिनिधित्व और इस शक्ति को प्रभावित करती है कि कौन-सी कहानियाँ प्रसारित होती हैं।